डॉक्टर ने किया ऐसा काम अब घर वाले ही नहीं पहँचान रहे पूर्णिया के 3 डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज ऑक्सीजन समय पर न देने से प्रसूता पहुँची मौत के मुँह में


Image may contain: 2 people, people smiling, text

चिकित्सीय नगरी लाइन बाजार में एक बार फिर डॉक्टर की लापरवाही सामने आयी है। डॉक्टर की लापरवाही से न सिर्फ मरीज मौत के मुँह में चली गई है बल्कि 10 दिन का नवजात बच्चा अपनी माँ के लिए तरस रही है। दोनो फोटो को देखकर आप पहँचान ही नहीं पाएंगे कि यह वही मरीज है। इसको लेकर शहर के 3 डॉक्टर के खिलाफ न्यायालय में परिवार वाद दायर किया गया है। जिसमे डॉक्टर जी बैक,डॉ सुधांशु कुमार आर्य एवं डॉ पवन कुमार मेहता शामिल है। इन सब के विरुद्ध न्यायालय में धारा 337, 338, 201 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कराया गया है।

प्रसूता के पति गुलाबबाग निवासी कुमार आशीष ने बताया कि वह अपनी पत्नी के प्रसव के लिए लाइन बाजार में डॉक्टर जी बैक के यहाँ भर्ती कराया था। जहाँ 24 की रात्रि को बेटी का जन्म हुआ। मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत थी। मगर जब स्टॉफ ऑक्सीजन सिलेंडर लाने गया तो रूम का चाभी कोई अन्य स्टॉफ लेकर किसी काम से चला गया था। थोड़ी देर बाद अपनी गलती छुपाने के लिए खाली ऑक्सीजन सिलेंडर को ही लगा दिया। लेकिन तबतक ऑक्सीजन के अभाव में उनकी पत्नी की तबियत काफी खराब हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने अपनी गलती मानते हुए कही दूसरी जगह ले जाने को कहा क्योंकि अस्पताल में सुविधा नहीं है। आनन फानन में मरीज को मैक्स 7 ले जाया गया।


 मगर तब तक ऑक्सीजन की कमी से मरीज कोमा में चला गया था। मरीज के परिजन अजित कुमार साह ने बताया कि जब मरीज के हालात के लिए जिम्मेदार डॉक्टर जी बैक को बोला गया तो उल्टे केस में फ़साने की धमकी देने लगी। वहाँ के स्टॉफ द्वारा परिजन को धक्के मार निकाल दिया गया। उन्होंने बताया कि मैक्स 7 की सलाह पर मरीज को सिल्लीगुड़ी रेफर किया गया, मगर वहाँ भी उसका इलाज संभव नहीं है, मरीज पूरी तरह से कोमा में चली गई है। इधर 10 दिन का नवजात अपनी माँ के लिए चीत्कार मार रो रही है, मानो उसका क्या कसूर है। मरीज के पड़ोसी बच्चे की रुदन से मर्माहत है

VIA -सिटीहलचल

Comments

Popular posts from this blog

Video:विश्वेवर सिंह अनगढ़ हाट में छोटा सा कुटीर उधोग झारू निर्माण से विकलांग व...